{"product_id":"9788119996322-bharat-mein-bhakti","title":"Bharat Mein Bhakti","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sujit Kumar Singh | Nitesh Upadhyay\u003cbr\u003e • Publisher: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eप्राणि मात्र के कल्याण की कामना भारतीय साहित्य और संस्कृति की अद्वितीय विशेषता रही है। इस जगत् में जो कुछ भी शुभ है, सात्विक है, श्रेष्ठ है; उनमें प्रेम तत्व सर्वोपरि है। इसके अंतर्गत तत्वज्ञान का सत्य और भावना की उपलब्धि भक्ति अन्तर्भुक्त है। भारतीय जनता की साहित्यिक साधना का सर्वोच्च निदर्शन भक्ति साहित्य में प्राप्त होता है। इसके अंतर्गत मानवीय मूल्यों पर आधारित प्रेम की दिव्यता और समस्त प्रकार के शोषण व अन्याय का विरोध करने की जीवटता मुख्यतः शामिल है। मध्यकालीन भक्ति आंदोलन से पहले यहाँ वैदिक काल से भक्ति की अंतःसलिला भारतीय प्रज्ञा व हृदय का संस्कार करती आई है। यहाँ एक ओर भागवत पुराण, नारद भक्ति सूत्र, शाण्डिल्य भक्ति सूत्र, भक्ति रसामृतसिन्धु जैसे ग्रंथ रचे गये तो दूसरी तरफ कबीर, नानक, जायसी, सूर, तुलसी और मीरां जैसे संत भक्त कवियों की अटूट श्रृंखला अखिल भारतीय स्तर पर दिखाई देती है। जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए हृदय और मस्तिष्क का सामंजस्य जरूरी है। उद्दाम कर्म भावना के पीछे विवेक एवं श्रद्धा का संबल जरूरी है। और यही कारण है कि यह कालजयी साहित्य आज भी अपनी अमृत स्स्रोतस्विनी से भारत ही नहीं मानव मात्र को अभिसिंचित करता आ रहा है।\u003c\/p\u003e \u003cp\u003e \u003c\/p\u003e \u003cp\u003eयह पुस्तक इसी भक्ति को विभिन्न गवाक्षों से देखने का एक विनम्र प्रयास है।\u003c\/p\u003e","brand":"LokBharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910169088151,"sku":"9788119996322","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119996322.webp?v=1770876982","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788119996322-bharat-mein-bhakti","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}