{"product_id":"9788126713301-ugratara","title":"Ugratara","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nagarjun\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: Ancient, Classical \u0026amp; Medieval\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eनागार्जुन के कथा-चरित्र साधारण होकर भी हमारे समाज के बहुत ही असाधारण हिस्से होते हैं ! वे अपने समय और समाज के उन बुनियादी जिवनादर्शी को मूर्तिमान करते हैं, जिनके बारे में जन-साधारण सिर्फ सोचते रह जाते हैं और चाहकर भी अपनी चेतना के बंजर में कोई निर्णायक बूटा नहीं उगा पाते ! नागार्जुन की 'उग्रतारा' ऐसे ही लोगों को राह दिखाती है ! नारी होकर भी वह सामाजिक जड़ताओं से ऊपर है, यही कारण है कि उग्रतारा का अयाचित मातृत्व भी न तो उसे स्वार्थी बना पाटा है और न ही कुंठित कर छोड़ता है ! वस्तुतः इसमें एक नारी के प्रेम, बेबसी, विशाल-हृदयता और उसके अकुंठ जीवन-संघर्ष का मर्मस्पर्शी चित्रण हुआ है ! जीवन के निर्णायक क्षणों में उसकी यथार्थपरक दृष्टि हमें अभिभूत कर लेती है !\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910153719959,"sku":"9788126713301","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126713301.webp?v=1770876838","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788126713301-ugratara","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}