{"product_id":"9788126713707-kullibhat","title":"Kullibhat","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Suryakant Tripathi 'Nirala'\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eकुल्ली भाट अपनी कथावस्तु और शैली-शिल्प के नएपन के कारण न केवल निराला के गद्य-साहित्य की बल्कि हिंदी के संपूर्ण गद्य-साहित्य की एक विशिष्ट उपलब्धि है। यह इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है कि कुल्ली के जीवन-संघर्ष के बहाने इसमें निराला का अपना सामाजिक जीवन मुखर हुआ है और बहुलांश में यह महाकवि की आत्मकथा ही है। यही कारण है कि सन् 1939 के मध्य में प्रकाशित यह कृति उस समय की प्रगतिशील धारा के अग्रणी साहित्यकारों के लिए चुनौती के रूप में सामने आई, तो देशोद्धार का राग अलापने वाले राजनीतिज्ञों के लिए इसने आईने का काम किया। संक्षेप में कहें तो निराला के विद्रोही तेवर और गलत सामाजिक मान्यताओं पर उनके तीखे प्रहारों ने इस छोटी-सी कृति को महाकाव्यात्मक विस्तार दे दिया है, जिसे पढ़ना एक विराट जीवन-अनुभव से गुजरना है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46910169809047,"sku":"9788126713707","price":487.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126713707.webp?v=1770876985","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788126713707-kullibhat","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}