{"product_id":"9788180313486-bharat-vibhajan-ke-gunaghar","title":"Bharat Vibhajan Ke Gunaghar","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Rammanohar Lohia\u003cbr\u003e • Publisher: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eभारत की आजादी के साथ जुड़ी देश-विभाजन की कथा बड़ी व्यथा-भरी है । आजादी के सुनहरे भविष्य के लालच में देश की जनता ने देश-विभाजन का जहरीला घूँट दवा की तरह पी लिया, लेकिन यह प्रश्न आज तक अनुत्तरित ही बना हुआ है कि क्या भारत- विभाजन आवश्यक था ही? इस सम्बन्ध में मौलाना अबुलकलाम आजाद ने अवश्य लिखा है और उन्होंने विभाजन की जिम्मेदारी तत्कालीन अन्य नेताओं पर लादी है । डी० राममनोहर लोहिया ने विभाजन के निर्णय के समय होने वाली सभी घटनाओं को प्रत्यक्ष देखा था और इस पुस्तक में उन्होंने देश- विभाजन के कारणों और उस समय के नेताओं के आचरण पर बड़ी निर्भीकता से विश्लेषण प्रस्तुत किया है । लोहिया जी इस देश-विभाजन को नकली मानते थे और उनका विश्वास था कि एक दिन फिर देश के बँटे हुए टुकड़े एक होकर पूरा भारत एक बनाएँगे । लोहिया का यह सपना सच हो, यही कामना हम भी करते हैं । -ओंकार शरद\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"LokBharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910162469015,"sku":"9788180313486","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788180313486.webp?v=1770876906","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788180313486-bharat-vibhajan-ke-gunaghar","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}