{"product_id":"9788183610681-surangama","title":"Surangama","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Shivani\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: Ancient, Classical \u0026amp; Medieval\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003e“छोट्टो घर खानी\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e मौने की पौड़े सुरंगमा?\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e मौने की पौड़े, मौने की पौड़े?...”\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e एक प्राणों से प्रिय व्यक्ति तीन-चार मधुर पंक्तियों से सुरंगमा के जीवन को संझा के वेग से हिलाकर रख देता है। बार-बार।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e शराबी, उन्मादी पति से छूटभागी लक्ष्मी को जीवनदाता मिला अँधेरे भरे रेलवे स्टेशन में। रॉबर्ट और वैरोनिका के स्नेहसिक्त स्पर्श में पनपने लगी थी उसकी नवजात बेटी सुरंगमा, लेकिन तभी विधि के विधान ने दुर्भाग्य का भूकम्पी झटका दिया और उस मलबे से निकली सरल निर्दोष पाँच साल की सुरंगमा कुछ ही महीनों में संसारी पुरखिन बन गई थी, फिर शिक्षिका सुरंगमा के जीवन में अंधड़ की तरह घुसता है, एक राजनेता और सुरंगमा उसकी प्रतिरक्षिता बन बैठती है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e क्या वह इस मोहपाश को तोड़कर इस दोहरे जीवन से छूट पाएगी?\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e मौने की पौड़े सुरंगमा?\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e एक एकाकी युवती की आन्तरिक और बाहरी संघर्षों की मार्मिक कथा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910166827159,"sku":"9788183610681","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183610681.webp?v=1770876945","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788183610681-surangama","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}