{"product_id":"9788197989612-vihan","title":"Vihan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Parmatma Maurya\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eविहान उन लाखों करोड़ों युवाओं और उनके अभिभावकों की कहानी है जो समाविष परिस्थितियों के बावजूद बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हुए अपने लक्ष्य की प्राप्त करते हैं। जब एक ग्रामीण परिवेश से आए युवा का शहरी परिवेश में पदार्पण होता है, तो कैसे विचारों में बदलाव और भटकाव होता है? इन सबके बावजूद कुछ बच्चे लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं, तो कुछ अवसाद ग्रस्त हो नैतिक मूल्यों के पतन का शिकार हो जाते हैं। कुछ नशे में लिप्त हो समाज और देश के लिए अभिशाप बन जाते हैं तो कुछ आत्महत्या तक कर लेते हैं। केवल जीवन की समाप्ति को ही आत्महत्या नहीं कहते, अपितु वैचारिक और चारित्रिक हत्या भी आत्महत्या ही है। किसी को अच्छी नौकरी न मिलने के कारण वांछित प्यार नहीं मिल पाने का गम है तो किसी के पास सब कुछ होते हुए भी वह नशे का शिकार है। कैसे युवाओं को नशे के दलदल में चंद लोग अपने धंधे के लिए धकेल कर राष्ट्र-द्रोह का काम कर रहे हैं? तो वहीं इन भटके युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकाल कर राष्ट्र-निर्माण के महान कार्य को अंजाम देने की कहानी है विहान। यह रचना, खुद सफल होकर पूरे समाज को एक दिशा देते हुए युवाओं की प्रेरणादायक कहानी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910156341399,"sku":"9788197989612","price":207.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788197989612.webp?v=1770876845","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9788197989612-vihan","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}