{"product_id":"9789347265556-aadhi-pankti","title":"Aadhi Pankti","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Anchit\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakasan Pvt Ltd\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakasan Pvt Ltd\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रेम हमें पीड़ा में रखता है, और पीड़ा हमें जीने का वह रास्ता देती है, जिसे सर्वव्यापी और सर्वस्वीकृत अ-प्रेम ने हमसे ले लिया है। जो प्रेम नहीं करते वे ही संसार को वैसा करते हैं जैसा वह हमारे चारों ओर मौजूद है—घृणा और क्रूरता से लबालब।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e अंचित की ये कविताएँ हमें प्रेम की ओर लौटाती हैं, उसकी पीड़ा, उसके सुख, उसके स्पर्श और ऐन्द्रीयता की ओर। इन कविताओं में मन और देह की नज़दीकियों के वे पल भी हैं जिन्हें हम सदैव अपने साथ रखना चाहते हैं, जिनसे गुज़रते हुए हम अपने आत्म का पुनराविष्कार करते हैं; और वे अनन्त तक ठहरे हुए क्षण भी जिन्हें हम अपनी स्मृतियों में बार-बार देखा करते हैं—जो इस उजाड़ में मानी भर रहा था\/वह था तुम्हारा हाथ, मेरे हाथों में।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इस पीड़ा, और स्मृति में दिपदिपाते सुख और दुःख को एक समूचे अनुभव के रूप में हम तक पहुँचाने के लिए अंचित इन कविताओं में एक सुचिन्तित शिल्प-सजगता के साथ उन्हें रूपायित करते हैं। ये आवेग में बही आती कविताएँ नहीं हैं, ये प्रेमी को प्रेम में व्यवहृत होते देखनेवाली द्रष्टा क‌विताएँ हैं, जिनमें अनुभव और अभिव्यक्ति का सन्तुलन एक तने हुए तार की तरह साफ़ दिखता है, ये प्रेम की खरोंच को पुराना न पड़ने देने वाली कविताएँ हैं जो प्रेम को एक विचार, एक संकल्प की तरह बचाकर रखती हैं।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakasan Pvt Ltd","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910135435415,"sku":"9789347265556","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789347265556.webp?v=1770876685","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789347265556-aadhi-pankti","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}