{"product_id":"9789349180468-kise-salaam-karoon","title":"Kise Salaam Karoon","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Tr. Nasera Sharma\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eबीते दिनों ईरान की महिलाओं ने अपने मुल्क में अपनी अस्मिता, अपनी पहचान और आज़ादी के लिए आवाज़ उठाकर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। उनके साहस के लिए उन्हें दुनिया के स्वाधीनचेता लोगों की प्रशंसा भी मिली। ‘किसे सलाम करूँ’ शीर्षक इस कहानी-संग्रह में ईरानी लेखिकाओं द्वारा लिखी गई फ़ारसी कहानियों का हिन्दी अनुवाद प्रस्तुत किया जा रहा है। अनुवाद किया है हिन्दी की वरिष्ठ कथाकार नासिरा शर्मा ने जो लम्बे समय से ईरानी समाज, साहित्य और राजनीति को नज़दीक से देखती और उनके बारे में लिखती रही हैं। इन कहानियों से गुज़रते हुए हमें न सिर्फ़ ये पता चलता है कि भारतीय और ईरानी समाज के मसले, वहाँ पर स्त्री की स्थिति और पुरुष का वर्चस्व काफ़ी मिलते-जुलते हैं, बल्कि ये कहानियाँ यह भी बताती हैं कि स्त्रियों की संवेदना, उनके विचार और उनके ख़्वाब भी दोनों जगह काफ़ी कुछ एक जैसे ही हैं। लेकिन यह भी सच है कि धर्म और राजनीति के चलते उन्होंने जो झेला है, वह हमारे हिस्से में उस तरह और उतना नहीं आया। यही वजह है कि उनकी रचनाओं में उनकी बेबसी, उनका प्रतिरोध और उनकी ख़ुशियाँ अपेक्षाकृत ज़्यादा सूक्ष्म और इसीलिए ज़्यादा तीक्ष्ण रूप में प्रकट होती हैं। जिन कथाकारों की रचनाएँ इस पुस्तक में शामिल हैं, वे सभी ईरान और फ़ारसी भाषा की स्थापित और लोकप्रिय रचनाकार हैं और साहित्य में उनके योगदान को व्यापक स्वीकृति मिली है। हिन्दी के पाठकों को ये कहानियाँ अपनी-सी भी लगेंगी और नई भी।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910170890391,"sku":"9789349180468","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789349180468.webp?v=1770876985","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789349180468-kise-salaam-karoon","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}