{"product_id":"9789349180819-ram-manohar-lohiya-bharat-ki-himalay-niti","title":"Ram Manohar Lohiya : Bharat Ki Himalay Niti","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ashok Pankaj\u003cbr\u003e • Publisher: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: LokBharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eलोहिया पूछते हैं कि 'हिमालय भारत का संतरी है' यह ख्याल कहाँ से आया? जिस हिमालय का भारत के लिए चातुर्दिक महत्त्व है क्या उसको लेकर भारत की कोई नीति है? तिब्बत का जितना गहरा संबंध भारत से रहा है क्या उसी तरह के संबंध उसके चीन से रहें हैं? नेपाल, भूटान जिसे उन्होंने 'भाई हिमालय' कहा है, के साथ भारत के संबंधों का आधार क्या होना चाहिए? तिब्बत में स्थित कैलाश-मानसरोवर किसकी विरासत है? भारत-चीन संबंधों का आधार और समझने का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए? एशिया की दो पुरातन सभ्याताएँ जो आज दो विभिन्न प्रणालियों का प्रतिनिधित्व करती हैं, और जिनकी प्रतिस्पर्द्धात्मक महत्त्वकांक्षाएँ हैं, में सामंजस्य कैसे हो ? इन प्रश्नों का उत्तर लोहिया भारत की हिमालय नीति के माध्यम से देते हैं और इसी क्रम में भारत की विदेश एवं रक्षा नीति को लेकर कुछ स्थूल सिद्धांत देते हैं, जिसके कुछ सूत्र को 'बांह और मुट्ठी', 'कबूतर एवं बाज' की उपमा से भी स्पष्ट करते हैं। लोहिया नीतिगत परामर्श देते हैं कि, भारत को इतिहास की गलतियों से सबक सीखना चाहिए और अपनी अंदरूनी कमजोरियों को भी दुरुस्त करना चाहिए। इसी क्रम में वे एक ओर शिवाजी और प्रताप को पुकारते हैं तो दूसरी ओर गांधी को ही गुरू मानते हैं। क्या भारत लोहिया के विचारों से कुछ सीख ले सकता है? यही इस पुस्तक की मूल भावना है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"LokBharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910135206039,"sku":"9789349180819","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789349180819.webp?v=1770876686","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789349180819-ram-manohar-lohiya-bharat-ki-himalay-niti","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}