{"product_id":"9789360861414-main-ek-pheriwala","title":"Main Ek Pheriwala","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Rahi Masoom Raza\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eराही मासूम रज़ा मूलतः कवि हैं और उनकी आन्तरिक अनुभूतियों को कविताओं में ही तीव्रतम अभिव्यक्ति मिली है। ‘मैं एक फेरीवाला’ की कविताओं में ज़िन्दगी की कटुताओं से जूझने की ज़िद है और उसी ज़िन्दगी को गरम-गरम पीने की प्यास भी! संग्रह में लगभग 18 वर्षों के लम्बे अन्तराल में लिखी गई कविताएँ संगृहीत हैं। ‘मैं एक फेरीवाला’ की कविताएँ ‘हिज्र’, ‘प्यास’ और ‘तनहाई’ की कविताएँ है। स्वयं कवि के शब्दों में, “मेरी शायरी की बुनियादी लय उदासी की है। यह उदासी हमारे युग की सबसे बड़ी और जीवित वास्तविकता है।” इन भावनाओं को विभिन्न कविताओं में प्रतिबिम्वित होते देखा जा सकता है। इतनी लम्बी अवधि की कविताओं का संग्रह होने की वजह से काव्यरूप और विषयवस्तु के स्तर पर इसमें बड़ा वैविध्य है। रूमानियत से भरपूर गीतों से लेकर एक सामान्य आदमी की लाचारी और आकांक्षा का चित्रण करनेवाली छोटी-छोटी कविताएँ भी इस संग्रह में मिलेंगी । यह संग्रह राही मासूम रज़ा के कवि-व्यक्तित्व का वैविध्य पाठकों के सामने प्रस्तुत करता है ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910158831767,"sku":"9789360861414","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360861414.webp?v=1770876877","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360861414-main-ek-pheriwala","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}