{"product_id":"9789360866044-raja-chamba-aur-char-bhai","title":"Raja Chamba Aur Char Bhai","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Habib Tanveer\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003e‘राजा चम्बा और चार भाई’ हबीब तनवीर का लिखा और उन्हीं के द्वारा खेला गया ऐसा नाटक है जिसकी अपेक्षित चर्चा नहीं हुई। राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखकर लिखा गया यह ‌ऐतिहासिक दिखनेवाला नाटक, किसी समय या किसी मुल्क के इतिहास से तो ताल्लुक़ नहीं रखता, लेकिन इसकी विषयवस्तु हर दौर और हर जगह के लिए आज भी मौज़ूँ है। राजनीति, जिसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना होता है और जिसके लिए वह जन-गण के कल्याण का बहाना करती है, लोगों को बाँटकर ही अपना मनचाहा पाती है। एक काल्पनिक भूगोल में यह नाटक हमारा परिचय कुछ गंभीर वास्तविकताओं से कराता है। हबीब साहब ने अपने नाटकों में अकसर ही सत्ता और ताक़त को आईना दिखाते हुए अवाम की आवाज़ को बुलन्द किया है। यह नाटक उसी अवाम को एक रहने का सन्देश देता है, और बताता है कि आपसी मन-भेद सिर्फ़ विनाश की ओर ले जाता है। तीन अंकों और सत्रह दृश्यों में बँटा यह नाटक आज के समय में ख़ासतौर पर प्रासंगिक है। नाट्य-समूह इसे खेलते हुए जिस सार्थकता का अहसास करेंगे, उतना ही उपयोगी यह पाठकों को पढ़ते हुए भी लगेगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910144184471,"sku":"9789360866044","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360866044.webp?v=1770876743","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360866044-raja-chamba-aur-char-bhai","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}