{"product_id":"9789360867089-mere-bachche","title":"Mere Bachche","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Arthur Miller\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eअमरीका ही नहीं, विश्व के श्रेष्ठ नाट्यकार आर्थर मिलर का नाटक ‘मेरे बच्‍चे’ एक ऐसी कृति है जो एक ओर व्यक्तिगत स्वार्थ एवं संकुचित दृष्टिकोण तथा दूसरी ओर सामाजिक हित एवं सहज मानवीयता के संघर्ष को मूर्त करती है। यह संघर्ष तब और अर्थपूर्ण तथा मार्मिक हो उठता है जब हम इसके एक छोर पर पिता को और दूसरे छोर पर पुत्र को पाते हैं। जिओ केलर सेना के लिए दागी सिलिंडर दे देते हैं जिसके फलस्वरूप 21 पायलट मर जाते हैं। यद्यपि इसके लिए वे पकड़े जाते हैं पर चालाकी से सारा दोष अपने साझीदार के सिर डाल मुक्त हो जाते हैं। जब यह बात उनके पुत्र क्रिस केलर को पता चलती है तो वह अत्यन्त क्षुब्ध होता है; देश के प्रति, देशवासियों के प्रति ऐसा जघन्य अपराध करने के लिए पिता को जेल ले जाने को तैयार हो जाता है। पिता अपनी भूल स्वीकार करते हैं और अपने को गोली मारकर उस भूल का प्रायश्चित करते हैं। विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखे गए इस नाटक का कथानक सार्वभौम महत्त्व का है; ऐसी स्थिति किसी भी देश, किसी भी काल में पाई जा सकती है जब लोभ के कारण, व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए एक व्यक्ति देश एवं समाज का बहुत बड़ा अहित कर बैठता है। हम सही मायनों में लड़ाई की विभीषिका से भले ही न गुजरे हों पर आए दिन जनकल्याण के कामों में जो धोखाधड़ी, लूट-खसोट दिखलाई पड़ती है वह कम बड़ा अपराध नहीं है, उसका ‘मेरे बच्‍चे’ की घटनाओं से अद्भुत साम्य प्रतीत होता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910134517911,"sku":"9789360867089","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360867089.webp?v=1770876684","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360867089-mere-bachche","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}