{"product_id":"9789360869489-rajabadal","title":"Rajabadal","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Bimal Mitra\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eहिन्दी और बांग्ला में समान रूप से लोकप्रिय कथाकार विमल मित्र के उपन्यास राजाबदल में न कोई राजा है और न कोई राज्य; सिर्फ एक स्कूल है—बलरामपुर हाई स्कूल और उस स्कूल के संस्थापक हैं—गौर पंडित। एक बाप जिस तरह अपने बेटे के निर्माण में अपना सर्वस्व लगा देता है उसी तरह गौर पंडित अपने खून-पसीने से सींच-सींचकर स्कूल का यह बिरवा खड़ा करते हैं। इसके लिए उन्होंने भीख माँगी, पत्नी के जेवर बेचे और क्या-कुछ नहीं किया! लेकिन जैसे-जैसे स्कूल का विस्तार होता गया, गौर पंडित के अधिकार कम होते गए और एक दिन उन्हें स्कूल की कमिटी से हट जाना पड़ा। अपने जीवन के अन्तिम दिनों में उन्होंने हैरानी से देखा कि मालिक बदलने के साथ-साथ जैसे स्कूल का सब-कुछ बदल गया है, भला और बुरा सब-कुछ। और तब जैसे वे तड़प उठे; उन्हें लगा कि उनका मानस-पुत्र पतन के रास्ते पर जा रहा है। वे इस सारी स्थिति को सह नहीं सके और एक अनिर्वचनीय पीड़ा मन में लिये गाँव से विदा हो जाते हैं। चलते समय बार-बार एक प्रश्न उनके मन में उठता है : राजा बदलने के साथ क्या राज्य भी पूरी तरह बदल जाता है? क्या राज्य के लोग तक बदल जाते हैं? इतना ही नहीं, उनका भला-बुरा, शुभ-अशुभ सब कुछ बदल जाता है? गौर पंडित के इस प्रश्न में लेखक ने आज की एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक समस्या को रूपायित किया है। सर्वथा रोचक और भावभीना उपन्यास।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910139957399,"sku":"9789360869489","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360869489.webp?v=1770876729","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360869489-rajabadal","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}