{"product_id":"9789360869748-jyoti-kalash","title":"Jyoti Kalash","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sanjeev\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003e‘ज्योति कलश’ उपन्‍यास महात्मा जोतिबा फुले के असाधारण जीवन-संघर्ष और प्रेरणास्पद कार्यों का वृत्तान्त है। जहाँ श्रेष्ठता जाति और कुल से तय करने की परिपाटी हो, जहाँ पाखंड को ही धर्म समझा जाता हो और जड़ता को ही संस्कृति, वैसे देश और समाज में जोतिबा जैसे व्यक्ति का उदित होना आसान नहीं था। लेकिन ऐसा हुआ, और जोतिबा ने सदियों से जमे घटाटोप को भेद कर लोगों को उस उजाले का साक्षात्कार कराया, जो उन्हें वास्तविक प्रगति की राह दिखाने वाला था। निस्सन्देह यह एक नव-प्रवर्तन था, नवजागरण का एक उन्मेष, जिसकी कहानी कथाकार संजीव इस उपन्यास में कहते हैं। इसमें उन्नीसवीं सदी के भारत के इतिहास, खासकर सामाजिक इतिहास की अनेक उथल-पुथल भी दर्ज हैं—एक तरफ जड़ प्रवृतियों, परम्पराओं के पोषकों का समाज को सत्य से दूर रखकर वर्चस्व बनाए रखने की जिद; और दूसरी तरफ, हर तरह के झूठ और पाखंड को नकारकर समाज में बराबरी और मनुष्यता को स्थापित करने का प्रयास। उनसे रूबरू होना वास्तव में उस आधार से वाकिफ होना है जिस पर वर्तमान भारत खड़ा है। एक सच्चे समाज-सुधारक, एक वास्तविक नायक और एक अनन्य स्वप्नद्रष्टा की जीवन-कथा!\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910164795543,"sku":"9789360869748","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360869748.webp?v=1770876930","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360869748-jyoti-kalash","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}