{"product_id":"9789360869816-parai-daal-ka-panchhi","title":"Parai Daal Ka Panchhi","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Amarkant\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमहत्त्वाकांक्षा, प्यार और स्वार्थ। दीपक को अपने जीवन का सार यही लगता है। लेकिन उसे महसूस होता है कि जीवन से उसे कुछ नहीं मिला। पत्नी के रूप में उसे अहिल्या मिली जबकि वह चाहता था कि उसकी शादी किसी आधुनिक लड़की से होती। इसलिए वह हमेशा किसी पराई डाल की तलाश में रहता है, मित्रों के घर में, उनकी पत्नियों से ऐसा व्यवहार कर जाता है जो अपे‌क्षित नहीं है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इसके लिए उसे कई बार अपमान का पात्र भी बनना पड़ता है, जिसके चलते कुछ समय के लिए वह एक संयमित पारिवारिक जीवन बिताने और अपने मन के ऊपर नियन्त्रण रखने का संकल्प भी लेता है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e लेकिन फिर रेखा उसकी जिन्दगी में आती है। साहित्य में रुचि रखनेवाली एक मेधावी छात्रा। दीपक की बौद्धिक बातों से वह उसके प्रेमपाश में बँध जाती है और दीपक एक बार फिर अहिल्या से दूर अपने सुख की तलाश में चल देता है...\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इस मनोविश्लेषणात्मक उपन्यास में अमरकान्त एक मध्यवर्गीय परिवार में स्त्री की स्थि‌ति को भी भली-भाँति चित्रित करते हैं, और समाज के सम्बन्धों को भी जिनका आधार बहुत छोटे-छोटे स्वार्थ होते हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910137794711,"sku":"9789360869816","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360869816.webp?v=1770876694","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360869816-parai-daal-ka-panchhi","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}