{"product_id":"9789360869878-riyaz-aur-anya-kahaniyan","title":"Riyaz Aur Anya Kahaniyan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): T. Janakiraman | Tr. Anuradha Krishnaswamy\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eतमिल साहित्य के सुपरिचित हस्ताक्षर टी. जानकीरामन की ये कहानियाँ भारतीय समाज की उन विडम्बनाओं को गहरी समझदारी और बारीकी से अंकित करती हैं जिनसे हम आज भी जूझ रहे हैं। मिसाल के तौर पर संग्रह की पहली ही कहानी ‘रियाज़’। जाति की अमानवीय मौजूदगी इस कहानी में जिस तरह उभरकर आती है एक‌बारगी चौंका देती है। नीची मानी जाने वाली एक जाति के प्रतिभावान युवक को संगीत सिखाने की इच्छा के कारण मल्ली को जिस तरह गाँव में हर किसी के मज़ाक का पात्र बनना पड़ता है, उसकी नाटकीयता पाठक को हतप्रभ कर देती है। ‘निर्णय’ शीर्षक कहानी सिर्फ़ समाज की, परम्पराओं की और स्त्री की विवशता की नहीं, भावनाओं के एक अबूझ संजाल की कहानी भी है, जो हमें प्रश्नों के एक भाव-विगलित चक्र में छोड़ जाती है। छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर लिखी गईं ये कहानियाँ अपने प्रवाह और सूक्ष्म पर्यवेक्षण के चलते अत्यन्त पठनीय बन पड़ी हैं; और कुछ देर के लिए आपको सिर्फ़ अपने दायरे में जैसे सम्मोहित कर लेती हैं। हिन्दी पाठकों के लिए नया आस्वाद और अलग भावभूमि पर रचीं गईं दिलचस्प कहानियाँ।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910170202263,"sku":"9789360869878","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360869878.webp?v=1770876983","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789360869878-riyaz-aur-anya-kahaniyan","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}