{"product_id":"9789389598803-chirag-e-dair","title":"Chirag-E-Dair","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Mirza Ghalib\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमिर्जा गालिब की बनारस-यात्रा मशहूर है। उन्होंने फारसी में, जो उनकी प्रिय काव्यभाषा थी, एक मस्नवी 'चिराग-ए-दैर' नाम से लिखी थी। यों तो बनारस सदियों से एक पुण्य-नगरी है और उसकी स्तुति में बहुत कुछ इस दौरान लिखा गया है। गालिब की मसनवी उस परम्परा में होते हुए भी अनोखी है जो एक महान कवि की एक महान तीर्थ की यात्रा को सच्चे और सशक्त काव्य में रूपायित करती है। एक ऐसे समय में जब हिन्दू और इस्लाम धर्मों के बीच दूरी बढ़ाने की अनेक प्रबल और निर्लज्ज दुश्चेष्टाएँ हो रही हैं इस मसनवी का हिन्दी अनुवाद एक तरह की याददहानी का काम करता है कि यह दूरी कितनी बहुत पहले पट चुकी थी। —अशोक वाजपेयी\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46910153031831,"sku":"9789389598803","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389598803.webp?v=1770876830","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789389598803-chirag-e-dair","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}