{"product_id":"9789389742336-bhasha-vigyan","title":"Bhasha Vigyan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Shyam Sundar Das\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eप्रस्तुत पुस्तक में भाषाओं के रूपात्मक वर्गीकरण, वंशानुक्रम वर्गीकरण, ध्वनियों का वर्गीकरण, विश्लेषण, व्यंजनों का वर्गीकरण, स्वरों का वर्गीकरण, ध्वनि नियम, रूप विचार, रूप विकार, अर्थ विचार, अभिधालक्षणा-व्यंजना शब्द शक्ति, ब्राह्मी लिपिख-रोष्ट्री लिपि, देवनागरी लिपि, आर्यों की भाषाएँ तथा हिन्दी स्वर और व्यंजनों का विस्तार से भाषा वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। भाषा विज्ञान के माध्यम से ही परस्पर भावों की, विचारों की अभिव्यक्ति उसका विनिमय, आदान-प्रदान तथा रूप-स्वरूप परिवर्तन को समझा जा सकता है। भाषा विज्ञान को समझे बिना हमें भाषा की उत्पत्ति भाषा का स्वरूप, भाषा की प्रकृति, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया-विशेषण, विभक्तियाँ, प्रत्यय, लिंग, वचन, मुहावरे आदि का बोध नहीं हो सकता है। यह कृति न केवल भाषा का अध्ययन-अध्यापन करने वालों के लिए अपितु शासन-प्रशासन के सूत्रधार, मुद्रित माध्य और दृश्य-श्रव्य माध्यों के कर्मियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है, अतः यह कृति पठनीय ही नहीं संग्रहणीय भी है। यह कृति न केवल भाषा का अध्ययन-अध्यापन करने वालों के लिए अपितु शासन-प्रशासन के सूत्रधार, मुद्रित माध्य और दृश्य-श्रव्य माध्यों के कर्मियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है, अतः यह कृति पठनीय ही नहीं संग्रहणीय भी है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46910168105111,"sku":"9789389742336","price":420.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389742336.webp?v=1770876964","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/9789389742336-bhasha-vigyan","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}