{"product_id":"aatankit-9788188266807","title":"Aatankit","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Abid Surti\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Short Stories (Single Author)\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eआबिद सुरती चित्रकार हैं, कार्टूनिस्ट हैं, व्यंग्यकार हैं, उपन्यासकार हैं, घुमक्कड़ हैं, फक्कड़ हैं—और एक कहानीकार भी हैं। विभिन्न कला-विधाएँ उनके लिए जिंदगी के ढर्रे को तोड़ने का माध्यम हैं। उनकी ये कोशिशें जितनी उनके चित्रों में नजर आती हैं, उससे अधिक नहीं तो कम-अज-कम उतनी ही उनकी कहानियों में भी नजर आती हैं। स्वभाव से यथार्थवादी होते हुए भी वे अपनी कहानियों में मानव-मन की उड़ानों को शब्दांकित करते हैं। जीवन की सच्चाई से सीधे साक्षात्कार न करके फंतासी और काल्पनिकता का सहारा लेते हैं। व्यंग्य का पैनापन इसी से आता है; क्योंकि यथार्थ से फंतासी की टकराहट से जो तल्खी पैदा होती है, उसका प्रभाव सपाट सच्चाई के प्रभाव से कहीं ज्यादा तीखा होता है। एक सचेत-सजग कलाकार की तरह आबिद अपनी कहानियों में सदियों से चली आ रही जड़-रूढ़ियों, परंपराओं और जिंदगी की कीमतों पर लगातार प्रश्नचिह्न लगाते हैं और उन्हें तोड़ने के लिए भरपूर वार भी करते हैं। यह बात उन्हें उन कलाकारों की पंक्ति में ला खड़ा करती है, जो कला को महज कला नहीं, जिंदगी की बेहतरी के माध्यम के रूप में जानते हैं। सबसे बड़ी खूबी यह है कि आबिद के भीतर अब भी एक जिज्ञासु बालक मौजूद है, जो हर चीज पर क्या, क्यों, कैसे जैसे प्रश्नचिह्न लगाता रहता है। यही वजह है कि उनकी रचनाएँ जहाँ हमें आंदोलित और उद्वेलित करती हैं, वहीं हमारा बौद्धिक मनोरंजन भी करती हैं। विचार और रोचकता का ऐसा अद्भुत सम्मिश्रण बहुत कम रचनाकारों में नजर आता है—और जिनमें नजर आता है, वे प्रथम पंक्ति के रचनाकार हैं।—सुदीप\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839506567319,"sku":"9788188266807","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788188266807.webp?v=1769160954","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/aatankit-9788188266807","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}