{"product_id":"adhyatmik-chetna-se-payen-khushi-9789392013560","title":"Adhyatmik Chetna Se Payen Khushi","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Manoj Srivastava | Dr. Shipra Mishra\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकंप्यूटर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आई. क्यू. (इंटेलीजेंस कोशेंट) के आधार पर कार्य करता है, परंतु इसमें (इमोशनल कोशेंट) इ.क्यू. का अभाव होता है। इसके विपरीत मानव में आई. क्यू. के साथ इ. क्यू. भी पाया जाता है; किंतु (स्प्रिचुअल कोशेंट) एस. क्यू. के अभाव में मनुष्य को जहाँ आई. क्यू. का प्रयोग करना चाहिए, वहाँ आई. क्यू. का प्रयोग करता है अथवा जहाँ इ.क्यू. का प्रयोग करना चाहिए, वहाँ आई. क्यू. का प्रयोग करता है। अर्थात् जहाँ तार्किक होना चाहिए, वहाँ भावनात्मक हो जाता है और जहाँ भावनात्मक होना चाहिए, वहाँ तार्किक बन जाता है।एस. क्यू. की मूलभूत विशेषता यह है कि इसके द्वारा इ.क्यू. और आई. क्यू. में संतुलन बना रहता है। एस. क्यू. की सहायता से मनुष्य अतिशय तार्किकता और भावनात्मकता से बच जाता है। एस.क्यू. के जुड़ जाने पर आई. क्यू. और इ.क्यू. आपस में एक-दूसरे को सहयोग करते हैं। एस. क्यू. का प्रयोग करके मनुष्य आई. क्यू. के माध्यम से अपर्याप्त इ.क्यू. को समृद्ध करता है अथवा इ. क्यू. के माध्यम से अपर्याप्त आई. क्यू. को समृद्ध करता है।एस.क्यू. के प्रयोग से न केवल हमें तार्किक संतुष्टि मिलती है, बल्कि जीवन की वास्तविक संतुष्टि भी मिलती है, यह जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं के अनुरूप है। एस. क्यू. की सहायता से हम अधिक दूरदर्शी, विचारवान लोचशील एवं सृजनात्मक बनते हैं। आध्यात्मिक चेतना-एस. क्यू. - जाग्रत् कर जीवन में वास्तविक खुशी प्राप्त करने में सहायक बनने वाली पठनीय एवं प्ररेक पुस्तक ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839729422487,"sku":"9789392013560","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789392013560.webp?v=1769162491","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/adhyatmik-chetna-se-payen-khushi-9789392013560","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}