{"product_id":"arohan-9789390971497","title":"Arohan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sadhna Shankar | Tr. Suraj Prakash\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan style=\"font-weight: 400;\"\u003eकल्पना कीजिए कि पृथ्वी को छोड़कर मानव जाति किसी और ग्रह पर जा बसे। तकनीक इतनी विकसित हो जाए कि प्रजनन तथा उत्तरजीविता के लिए स्त्री और पुरुष एक-दूसरे पर निर्भर न हों, दोनों के दो अलग, एक-दूसरे से अनजान लोक बस जाएँ। जब जरूरत हो क्लोनिंग से नए प्राणी का सृजन कर लिए जाएँ और जब देह का कोई अंग असमर्थ लगे उसे एकदम नए अंग से और बुढ़ापे को युवावस्था से बदल लिया जाए!\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan style=\"font-weight: 400;\"\u003eइस उपन्यास में इस कल्पना को हमारी मौजूदा दुनिया के समानान्तर तमाम सम्भव उपादानों के साथ रचा गया है। विज्ञान कथाओं को जो पाठक अविश्वसनीय कल्पनाओं की उड़ान मानते हैं, और दूसरे ग्रहों से आनेवाले मनुष्य-विरोधी प्राणियों, एलियनों की विचित्र शक्लों से ऊब चुके हैं, उनके लिए यह उपन्यास एक ताजा हवा की तरह है। \u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan style=\"font-weight: 400;\"\u003eउपन्यास की ताकत है कल्पना का सांगोपांग और तर्कसम्मत निरूपण और उसके भीतर पैठकर कहानी को इस तरह कहना कि जब तक आप उसमें रहते हैं, अपनी वर्तमान दुनिया से बरबस परे चले जाते हैं। एक वैश्विक दार्शनिक गल्प-यात्रा पर एक प्रति-सृष्टि में जहाँ वह सब कुछ है जिसे मनुष्य अपनी प्राकृतिक सीमाओं को लाँघकर, अपनी उत्तरजीविता की अन्तहीन आशा में रच सकता है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285564907671,"sku":"9789390971497","price":245.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789390971497.webp?v=1769283761","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/arohan-9789390971497","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}