{"product_id":"asahmati-ki-aawazein-9789360860622","title":"Asahmati Ki Aawazein","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Romila Thapar | Ashok Kumar\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eअसहमति भारतीय जनजीवन का हमेशा से हिस्सा रही है लेकिन इन दिनों किसी भी असहमति को भारत-विरोधी ठहरा दिया जाता है। भारतीय अतीत को दोषमुक्त मानने वाले लोग असहमति की अवधारणा को विदेशी मानते हैं और असहमतिपूर्ण विचारों की ज़रूरत को नकारते हैं। लेकिन ‘असहमति की आवाज़ें’ बतलाती है कि भारतीय उपमहाद्वीप में असहमति का लम्बा इतिहास रहा है, भले ही सदियों में इसके रूप विकसित या परिवर्तित हो गए हैं। लेखक असहमति की अभिव्यक्ति और उसके अहिंसक रूपों पर विचार करते हुए इसे भारतीय ऐतिहासिक अनुभव के अंग के रूप में समय के विभिन्न बिन्दुओं और सन्दर्भों से जोड़ती हैं। प्राचीन वैदिक काल से शुरू करते हुए जैन, बौद्ध, आजीविक आदि समूहों के उद्भव और इससे आगे, मध्यकाल के भक्ति सन्तों और अन्य के विचारों को परखती हुई वह हमें असहमति के उस प्रमुख बिन्दु, महात्मा गांधी के सत्याग्रह, तक ले जाती हैं जिसने आज़ाद और लोकतांत्रिक भारत की स्थापना में मदद की। वह इस बात पर बल देती हैं कि किस तरह धर्म ने हमेशा सामाजिक परिवर्तन को प्रतिबिम्बित किया है, और वर्तमान में धर्म के राजनीतिकरण के साथ अपनी बात पूरी करती हैं। वह असहमति के विशेष रूपों पर जन-प्रतिक्रिया को रेखांकित करते हुए सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ शाहीनबाग़ जैसे शान्तिपूर्ण विरोध का हवाला देती हैं। इसमें यह प्रश्न निहित है कि धर्म का मुहावरा ज़रूरी है या नहीं। उनके अनुसार, हमारे वक़्त में असहमति सुनने लायक, स्पष्ट, अन्याय-विरोधी और लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थक होनी चाहिए। संवाद के ज़रिये असहमति और बहस की अभिव्यक्ति ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभारत की शीर्षस्थ जन-बुद्धिजीवी की यह किताब उन सबके लिए एक आवश्यक पाठ है, जो न सिर्फ़ भारत के अतीत को बल्कि भारतीय समाज और राष्ट्र की दिशा को भी उसके सही परिप्रेक्ष्य में जानना-समझना चाहते हैं। \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285681922199,"sku":"9789360860622","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360860622.webp?v=1769284058","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/asahmati-ki-aawazein-9789360860622","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}