{"product_id":"baat-un-dino-ki-hai-9788119133994","title":"Baat Un Dino Ki Hai","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sriprakash Mani Tripathai\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eबात उन दिनों की है पुस्तक संस्मरण भी है और आत्मीय ग्रामबोध का आख्यान भी। पुस्तक में ग्रामीण जीवन की सहज, सरल और मुक्त प्रकृति का चित्र खींचा गया है। इन चित्रों की रचना में लेखक स्वयं भी सम्मिलित है इसलिए इसकी शैली और शिल्प में एक विशेष प्रकार की चुम्बकीयता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तक में यद्यपि व्यक्तिव्यंजक निबंध अंकित हैं, पर है यह गंवई सहजता का शब्दचित्र। ये शब्दचित्र छोटे-छोटे प्रसंगों में बांध कर रचे गए हैं। गाँव के विद्यालय, मेले, नदी-नाले ये सब पुस्तक में रोचक प्रसंग बनकर उभरे हैं। ग्रामीण खानपान का रसीला चित्र भी मिलेगा - नेनुआ की पनीली तरकारी के साथ गरम-गरम भात, होरहा, गट्टा, भुनी मटर हमें लोक जीवन का असली स्वाद चखाते हैं। कुछ व्यक्ति-चित्र और कुछ अतीत की वस्तुएँ जैसे बाइस्कोप, आनंद की सृष्टि करनेवाले हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआनंद का भाव पूरी पुस्तक में व्याप्त है। वास्तव में यही ग्राम जीवन का स्थायी भाव है। गाँव का यह आनंदी स्वभाव इस पुस्तक की आत्मा है। तीस प्रसंगों में प्रस्तुत यह पुस्तक अत्यंत पठनीय है। लेखक के आत्मीय भाव ने प्रसंगों की संवेदना को दोबाला कर दिया है। इस आत्मीयता के कारण पूरी पुस्तक की शैली कहीं भी शिथिल नहीं होती, बल्कि पाठक को अपने साथ बहाये लिए जाती है। यह प्रवाहमयता इस पुस्तक के गद्य की विशिष्टता है।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285556289687,"sku":"9788119133994","price":420.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119133994.webp?v=1769283745","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/baat-un-dino-ki-hai-9788119133994","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}