{"product_id":"bhookh-aag-hai-9788170282730","title":"Bhookh Aag Hai","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Krishan Baldev Vaid\u003cbr\u003e • Publisher: Rajpal and Sons\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajpal\u003cbr\u003e • BISAC: Asian - General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eभूख आग है' का बीज जिस गुज़रे ज़माने की ज़मीन से उड़ कर मेरे ज़ेहन में आ रुका उसमें मैं जवान था और अपने अनेक जवान साथियों की तरह सुर्ख़ सवेरे और सुनहरे वर्गहीन समाज के स्वप्न देखा करता था- ऐसे समाज के जिसमें ग़रीबी नहीं होगी, शोषण नहीं होगा, ऊंचनीच नहीं होगी, नफ़रत नहीं होगी, भूख नहीं होगी। पान खा कर, और कभी-कभी बीयर पी कर, और सर पर काल्पनिक कफ़न बांध कर हम लोग मस्ती में सड़कें नापते थे और इस तराने को अलापते थे- मुट्ठियाँ तान कर, आंखें ऊपर तने आकाश पर जमा कर। 'भूख आग है' में उसी बीते युग की याद की यंत्रणा है, उन्हीं स्वप्नों की राख में फूंक मारने की कोशिश है, उसमें बची-दबी किसी चिंगारी की तलाश है। एक तरफ़ यह नाटक उ। स्वप्नों का मरसिया है तो दूसरी तरफ़ उन्हें जिलाए रखने के लिए एक तराना है। - (भूमिका से)\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajpal and Sons","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46522992754839,"sku":"9788170282730","price":105.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788170282730.webp?v=1767177733","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/bhookh-aag-hai-9788170282730","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}