{"product_id":"bhoolana-9789360867676","title":"Bhoolana","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Chandan Pandey\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eदिनोंदिन भीषण होते समय को भाषा में अंकित करने के संघर्ष को जीनेवाली, चन्दन पाण्डेय की कहानियों का बहुचर्चित संग्रह है— \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003eभूलना।\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e हम भूल जाने लगे हैं, बिलकुल सामने बैठे को, जरा-सी दूरी पर वहाँ मरते हुए आदमी को। हमारी आँखें खुली हैं, पर उनके भीतर जो दृश्य नाच रहे हैं वे हमारे भीतर चल रहे विध्वंस के हैं, वे हमें किसी तक ले नहीं जाते, अपने अलावा किसी और का नहीं बनाते, और अपना भी कितना! संग्रह की शीर्षक कहानी उस विनाश का दस्तावेज़ है जिसके बीच हम कुछ भी न देखते, कुछ भी न याद रखते हुए आज आ खड़े हैं। यह अकारण नहीं कि चन्दन पाण्डेय की कथा-भाषा रस का सृजन नहीं करती। एक रचनाकार के रूप में वह इस विनाश को देख पा रहे हैं और उसे पूरा का पूरा इस तरह हम तक पहुँचा देना चाहते हैं कि उसकी निर्णायक भयावहता को हम समझ सकें। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e संग्रह की पहली कहानी प्रेम की हत्या के बारे में है—एक योजनाबद्ध हत्या—ख़बरिया अर्थ में योजनाबद्ध नहीं—संस्कृति की ज़मीन में दबी प्रेम-विरोध की सुरंगों की योजना जिसको अचूक बनाने पर यह समाज लगातार काम करता रहता है, और अर्थव्यवस्था के हिलते पाये जिसमें अपनी मददगार भूमिका निभाते हैं। इनके अलावा ‘नकार’, ‘परिन्दगी है या नाकामयाब है’, ‘सुनो’ और ‘सिटी पब्लिक स्कूल, वाराणसी’ शीर्षक कहानियाँ पुनः जीवन के किसी हलक़े या उम्र के किसी पड़ाव पर समाज की संरचना में स्वीकृति पातीं विसंगतियों को उनके सभी आयामों के साथ चिन्हित करती हैं। अपने कथाकार की क्षमता को रेखांकित करता यह संग्रह अविस्मरणीय है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":47716888576151,"sku":"9789360867676","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360867676.webp?v=1776940570","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/bhoolana-9789360867676","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}