{"product_id":"bhrashtachar-ka-bolbala-9789380839554","title":"Bhrashtachar Ka Bolbala","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sadachari Singh Tomar\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Political\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली में एक-एक हजार करोड़ रुपए की दो परियोजनाएँ विश्व बैंक द्वारा स्वीकृत होकर चालू हुई थीं। इन दोनों परियोजनाओं में एक बड़ी राशि देश के कृषि क्षेत्र का कंप्यूटरीकरण करके इसमें इंटरनेट की सुविधा चालू करनी थी। मैं इस योजना के सहायक महानिदेशक के रूप में पदस्थ हुआ। अत: चयन के बाद कंप्यूटरीकरण का पूर्ण उत्तरदायित्व मुझे लिखित रूप में दिया गया था। इसके साथ ही परियोजना के लिए परियोजना क्रियान्वयन इकाई बनी थी, जिसमें मुझे भी शामिल किया गया। पूरी परियोजना का प्रबंधन और विशेष रूप से कंप्यूटरीकरण का प्रबोधन जब मैंने चालू किया तो इसमें बहुत बड़ी अव्यवस्था एवं अनियमितता सामने आई, जिसे ठीक करने के उद्देश्य से जब मैंने काररवाई चालू की तो पाया कि इन परियोजनाओं में घपलों के लिए परिषद् के महानिदेशक, उप महानिदेशक, सहायक महानिदेशक आदि के साथ ही श्री नीतीश कुमार कृषिमंत्री का भी हाथ है। जाँचों की लीपापोती कर दी और भ्रष्ट लोग दंडित नहीं किए जा सके। वहीं दूसरी ओर श्री नीतीश कुमार मेरे द्वारा घपले उजागर करने से इतना कुपित हुए कि सात बार विभिन्न तरह से मेरी जाँच कराई, फिर भी दोष न पाने पर खीझकर मेरी वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन खराब किया और उसी आधार पर नियम न होते हुए भी मुझे वहाँ से सेवा से ही हटा दिया। प्रकरण अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में अटका पड़ा है। भ्रष्टाचार कैसे फलता-फूलता रहा, इसके बारे में भोगे हुए यथार्थ के रूप में इसका वर्णन किया गया है। इसके लगभग सभी पात्र जिंदा हैं तथा सभी का नाम देकर उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839672242327,"sku":"9789380839554","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789380839554.webp?v=1769162089","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/bhrashtachar-ka-bolbala-9789380839554","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}