{"product_id":"chhayavad-prasad-nirala-mahadevi-aur-pant-9789388183246","title":"Chhayavad : Prasad, Nirala, Mahadevi Aur Pant","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Namvar Singh\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘छायावाद’ पुस्तक में जहाँ छायावाद की समूहगत सामान्य प्रवृत्तियों के विश्लेषण का विशेष आग्रह था, वहीं प्रस्तुत पुस्तक में प्रसाद, निराला, महादेवी और पन्त के\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवैशिष्ट्य और नवीन पक्षों पर विशेष दृष्टि डाली गई है। सौन्दर्य के समान महान सृजक भी विशिष्ट होते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहिन्दी साहित्य ‘ग्लैक्सी’ की विभूतियाँ हैं—प्रसाद, निराला, महादेवी और पन्त। इन विभूतियों की अपनी अलग विशिष्ट पहचान है। इनका व्यक्तित्व, भाव, तेवर, भाषा और अन्दाज़ अलग-अलग और विशिष्ट है। इस पुस्तक में समानता के समानान्तर इन अपरिहार्य हस्ताक्षरों की विशिष्टताओं को केन्द्रीयता मिली है। इसमें प्रसाद, निराला, महादेवी और पन्त की साहित्यिकता की मौलिक एवं नूतन अर्थ-मीमांसा के साथ-साथ नवीन 'कैनन' का भी आग्रह है। छायावाद के बाद से लेकर आज तक की कविताओं की उपलब्धियों, सीमाओँ, चुनौतियों और सम्भावनाओं के वृहत्तर दायरे में यह छायावादी रचनाशीलता के पुनर्मूल्यांकन की एक अनुप्रेक्षणीय समीक्षा-यात्रा है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285623791767,"sku":"9789388183246","price":417.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388183246.webp?v=1769283907","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/chhayavad-prasad-nirala-mahadevi-aur-pant-9789388183246","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}