{"product_id":"cyber-kathayein-digital-suraksha-ki-raah-9789347265730","title":"Cyber Kathayein: Digital Suraksha Ki Raah","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sushil Kumar\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Funda\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eसाइबर-जगत यानी इंटरनेट ने बहुत सारी सहूलियतें दी हैं तो कई खतरे भी खड़े किये हैं। आए दिन लोगों के साइबर-अपराधियों से ठगे जाने की खबरें सुनने-देखने में आती हैं। और, उन अपराधियों की तरकीबें अक्सर इतनी अप्रत्याशित और अकल्पनीय होती हैं कि हैरत में डाल देती हैं। ऐसे में \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘साइबर कथाएँ : डिजिटल सुरक्षा की राह’\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e बतलाती है कि साइबर अपराध का शिकार बनने से कैसे बचा जा सकता है। इसके लेखक ने साइबर अपराध से सम्बन्धित प्रभाग का सात वर्ष तक नेतृत्व किया है और यह किताब उस दौरान प्राप्त अनुभवों और किए गये काम पर आधारित है। वे विभिन्न मंचों पर साइबर-सुरक्षा और साइबर-अपराध सम्बन्धी जागरूकता पर लगातार व्याख्यान और अनुभव साझा करते हैं। इस किताब में उन्होंने साइबर-अपराध के तौर-तरीकों के बारे में किस्सों के माध्यम से बताया है और उनसे बचने और मुकाबला करने के टिप्स भी दिये हैं। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e आज के डिजिटल हेराफेरी के दौर में एक आवश्यक किताब!\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":47716888838295,"sku":"9789347265730","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789347265730.webp?v=1776940573","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/cyber-kathayein-digital-suraksha-ki-raah-9789347265730","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}