{"product_id":"data-peer-9789392757112","title":"Data Peer","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Hrishikesh Sulabh\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘दाता पीर’ विविधताओं से भरे भारतीय समाज के ऐसे एक हिस्से से रू-ब-रू कराता है जो हमारी नजरों से लगभग ओझल रहा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह सवाल अकसर पूछा जाता रहा है कि आधुनिक हिन्दी साहित्य में मुस्लिम जनजीवन की उपस्थिति इतनी विरल क्यों है, और अगर उसका उल्लेख होता भी है तो प्रायः साम्प्रदायिकता जैसे मसलों के साथ ही क्यों होता है। इस सन्दर्भ में ‘दाता पीर’ निश्चय ही एक उल्लेखनीय कृति है। इसमें मुजाविरों और शहनाई बजाने वाले एक घराने की कथा है जो, अपने आस-पड़ोस को समेटती हुई चलती है और आम भारतीय जनजीवन का आख्यान बनकर सामने आती है। यह उनके जीवन संघर्ष को उनकी धार्मिक पहचान तले नहीं दबाती, न ही कथा को मौजूदा दौर के बँधे-बँधाए विमर्श के खाँचे में फिट कर कोई ‘पॉलिटिकली करेक्ट’ फॉर्मूला पेश करती है। उपन्यासकार जीवन का सूत्र पकड़कर पाठक को विशाल भारतीय समाज के उन हिस्सों तक ले जाता है, और ऐसी सचाइयाँ दिखलाता है जिसे मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिवेश पर तेजी से हावी हो रही संकीर्णता के कारण देख पाना आज आसान नहीं रहा।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस उपन्यास में स्मृतियों की कई पेंचदार गलियाँ हैं जिनमें खानकाहों-दरगाहों-मज़ारों और पीर-फकीरों की कहानियाँ बिखरी पड़ी हैं तो मौसिकी के सदियों पुराने सिलसिले के सुर भी। साथ ही इसमें मौजूद हैं वर्तमान की ऐसी धड़कनें जहाँ कब्रिस्तान में भी प्रेम के बिरवे फूट पड़ते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवस्तुतः उपन्यासकार ने इस कृति में बिना किसी बड़बोलेपन के ऐसा एक अर्थगर्भी संसार रचा है जिसमें प्रवेश कर पाठक मनुष्य के जीवनानुभव को उसकी सम्पूर्णता में देख सकता है। यह उपन्यास बतलाता है कि जीवन का राग हो या विराग, अन्ततः एक मानवीय जीवनदृष्टि ही जीने की राह निर्मित करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक अत्यन्त पठनीय और संग्रहणीय उपन्यास।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285686182039,"sku":"9789392757112","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789392757112.webp?v=1769284067","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/data-peer-9789392757112","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}