{"product_id":"dharamguru-9788183610124","title":"Dharamguru","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Swarajbir\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan Pvt. Ltd\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cdiv class=\"rich-text-content text-gray-600 text-sm leading-relaxed\"\u003eयह नाटक उच्चस्तरीय बौद्धिक रचना का प्रमाण देता है। नाटककार ने पूरे धार्मिक व्यवहार पर जो कटाक्ष किया है, वह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। संवादों, घटनाओं तथा कार्यव्यापार के माध्यम से उभारा गया नाटकीय टकराव शिखर को छूता है। इस नाटक ‘धर्मगुरु’ की प्रस्तुति से पंजाबी नाटक नए क्षितिजों के द्वार खोलता है...।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e—गुरुशरण सिंह (नाटककार एवं निर्देशक)\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eस्वराजबीर के नाटक पहली बार पंजाबी नाटक को उस नाट्य विधिविधान के साथ जोड़ते हैं जो भारतीय नाट्य रूप से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि ये नाटक अग्रदूत बनकर पंजाबी नाटक में पैदा हुई जड़ता को तोड़ते हैं। नाट्य-विधि के रूप में ही इनमें कविता और गद्य अन्तर्सम्बन्धित हैं।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e—डॉ. सुतिंदर सिंह नूर\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eस्वराजबीर का नाटक ‘धर्मगुरु’ वर्तमान समय पर एक बड़ी टिप्पणी है जो धर्म और राजनीति की साँठ-गाँठ के माध्यम से समाज के समूचे अस्तित्व को अपनी गिरफ़्त में लेने के लिए सक्रिय है। इस समय इसकी प्रस्तुति एक साहसिक क़दम है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e—‘नवांजमाना’ (दैनिक, जालंधर)\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eयह नाटक ‘धर्मगुरु’ आज के दौर में फैले धार्मिक कठमुल्लापन और सामाजिक आपाधापी पर तीखा व्यंग्य है। तथाकथित धार्मिक नेताओं की मनमानियों और समाज की बेबसी की त्रासदी के दौर में इस नाटक का मंचन बुद्धिजीवियों और कलाकारों की बुलन्द आवाज़ और सच्चाई का प्रतीक है।\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e—‘अजीत’ (दैनिक, जालंधर)\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\n\u003c\/div\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":48090852524183,"sku":"9788183610124","price":277.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183610124.webp?v=1785499915","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/dharamguru-9788183610124","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}