{"product_id":"dharm-wah-naav-nahin-9788119989997","title":"Dharm Wah Naav Nahin","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Shirish Kumar Mourya\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eये कविताएँ इस कदर अच्छी हैं कि आन्तरिक सन्ताप, जीवन की व्याकुलता, महत्त्वाकांक्षी धार्मिकता की निस्सारता और साधारणता की महत्ता को नयी तरह से और कई कोणों से पुनर्परिभाषित करते हुए एक अलग काव्यात्मक ऊँचाई पर नजर आती हैं। परम्परा का यह एक नया और विकल कर देनेवाला पुनर्पाठ है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—कुमार अम्बुज वरिष्ठ कवि\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभद्रक के लिए बुद्ध के आख्‍यान में करुणा के अलावा कुछ भी वरेण्‍य नहीं है। उसका यह शिष्‍ट प्रतिवाद अलक्षित नहीं जाना चाहिए। वह जान चुका है कि बुद्ध के जिस धर्म को निर्दोष और सर्वोत्तम कह कर महिमा-मंडित किया गया है, वह कुलीनों और वर्चस्‍ववादी शक्तियों का एक पैंतरा भर है वरना थेरगाथा के वधित थेरीगाथा के वधिक नहीं हो सकते।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह भी अलग से चिह्नित किया जाना चाहिए कि भद्रक बुद्ध के नाम से विज्ञापित युटोपिया का प्रतिवाद उसके ऐतिहासिक-सामाजिक फलितार्थों के आधार पर कर रहा है। भद्रक उन लोगों और स्थितियों के नाम-पते दर्ज़ करता है जिन्‍हें सत्ता ने कभी दरवाज़े से अन्दर नहीं आने दिया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआज हम इतिहास के जिस छोर पर खड़े हैं, वहाँ से साफ़ दिखता है कि मैत्रेय बुद्ध अभी तक महज़ एक सम्भावना ही बने हुए हैं, लेकिन मैत्रेय भद्रक पिछले चौदह सौ बरसों से उस आदमी के लिए चिन्तित है, जिसके लिए धर्म का हर यूटोपिया अन्तत: डिस्‍टोपिया साबित हुआ है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशिरीष की इन कविताओं को इसलिए याद रखा जाएगा कि उनमें संवेदना को प्रलाप और वैचारिकता को नारा नहीं बनने दिया गया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—नरेश गोस्वामी आलोचक\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285669798039,"sku":"9788119989997","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119989997.webp?v=1769284023","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/dharm-wah-naav-nahin-9788119989997","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}