{"product_id":"dhwaniyon-ke-aalok-mein-stree-9788183616959","title":"Dhwaniyon Ke Aalok Mein Stree","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Mrinal Pandey\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eप्रख्यात लेखिका मृणाल पाण्डे की यह नवीनतम कृति संगीत-जगत के अनेक अनदेखे-ओझल वृत्तान्तों का आकलन है\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e इसमें इन गायिकाओं-गवनहारियों के जीवन-संघर्ष का वर्णन है, जिनके सुर और संगीत का आलोक तो हमारे सामने है, लेकिन स्त्री होने के कारण और अपने समय-समाज की कथित कुलीनता के दायरे से बाहर होने के कारण जिन अवरोधों का पग-पग पर उन्हें सामना करना पड़ा, उस अँधेरे का कहीं कोई ज़िक्र नहीं करता\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e गौहर जान से लेकर बेगम अख़्तर तक और मोघूबाई से लेकर गंगूबाई हंगल तक—कलाकारों की एक लम्बी फ़ेहरिस्त यहाँ हम देख सकते हैं, जिन्हें अकल्पनीय प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संगीत-साधना करनी पड़ी\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eवास्तव में संगीत के प्रसंग से पाण्डे ने इस किताब में सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास की उस दरार पर रोशनी डाली है, जिसका भरना अब तक बाक़ी है\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e उन्होंने बेहद आत्मीयता से तमाम प्रसंगों का उल्लेख किया है, जिससे पुस्तक ने अकादमिक विवेचना के बजाय एक दिलचस्प अनौपचारिक पाठ की शक्ल ले ली है\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e ज़ाहिर है, यह पाठक के दिल को छू लेती है\u003cstrong\u003e।\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285648597143,"sku":"9788183616959","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183616959.webp?v=1769283969","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/dhwaniyon-ke-aalok-mein-stree-9788183616959","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}