{"product_id":"dil-ki-duniyan-9788126718160","title":"Dil Ki Duniyan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ismat Chugtai | Tr. Shabnam Rizvi | Ed. Abdul Mugni\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eइस्मत चुग़ताई भारतीय साहित्य में वो आवाज़ हैं जिसने अपने ज़माने में बनती हुई प्रगतिशीलता को अपनी कहानियों और उपन्यासों से एक चेहरा दिया, उसे अवाम के समझने और अपनाने लायक़ बनाया। अपने किरदारों के माध्यम से उन्होंने उस हिम्मत को साकार किया, जो कम-से-कम उनके दौर में तो स्त्रियों के लिए एक दिवास्वप्न ही थी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअपनी क़लम की एक-एक जुम्बिश से सौ-सौ जादू जगानेवाली इस्मत चुग़ताई ने अपने इस उपन्यास में समाज की मुर्दा और सड़ी-गली परम्पराओं से आज़ाद होकर ‘दिल की दुनिया' आबाद की है—यह एक युवती की कहानी है जिसे शादी के बाद शौहर ने छोड़ दिया था। मज़हब और समाज की ग़लत मान्यताओं के दरमियान जिसे रास्ता न सूझता था लेकिन जिसने अपनी ही जैसी एक बदनसीब ज़िन्दगी से हौसला पाकर अपने चारों तरफ़ एक आभामंडल बुन दिया।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285680185495,"sku":"9788126718160","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126718160.webp?v=1769284051","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/dil-ki-duniyan-9788126718160","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}