{"product_id":"doosari-duniya-9789360866556","title":"Doosari Duniya","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nirmal Verma\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘दूसरी दुनिया’ निर्मल वर्मा की चर्चित और पाठक-प्रिय रचनाओं का संकलन है। यात्रावृत्त, कहानी, डायरी और चिन्तनपरक निबन्धों का यह चयन स्वयं निर्मल जी ने किया था, जिसमें ज़ाहिर है, उनकी वे रचनाएँ शामिल हैं जो उन्हें स्वयं भी प्रिय थीं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकहना ग़लत न होगा कि निर्मल जी ने हिन्दी गद्य को जो ऊष्मा दी, वह पाठक को एक जीवित इकाई की तरह आकर्षित करती है। कहानी हो या निबन्ध या फिर यात्रा-कथाएँ, कहीं भी निर्मल वर्मा का पाठक उस आन्तरिक छुअन और साहचर्य से वंचित नहीं रहता, जो उनका गद्य उसे उपलब्ध कराता है।­­\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकई लोग कहते हैं कि आप निर्मल जी का एक वाक्य पढ़ते हैं, और अपनी दुनिया से उठकर उनकी रची हुई दुनिया में चले जाते हैं। कभी पात्रों के साथ जीते हुए, कभी उस परिवेश को महसूस करते हुए जिसकी रचना वे उन्हीं शब्दों और वाक्यों में करते हैं, जिनसे हम हमेशा से परिचित थे, लेकिन जो पहले कभी इतने प्रभावशाली नहीं लगे थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह पुस्तक ऐसी ही रचनाओं का संकलन है; चाहें तो इसे आप उस लेखक की दुनिया में प्रवेश करने का द्वार भी कह सकते हैं, जो आपके स्मृति-तंत्र में हमेशा-हमेशा के लिए बस जानेवाला है। और यह दुनिया दूसरी नहीं है, आपकी अपनी ही है, वहाँ जाकर बस आप दूसरे हो जाते हैं। \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285696831639,"sku":"9789360866556","price":419.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360866556.webp?v=1769284093","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/doosari-duniya-9789360866556","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}