{"product_id":"ek-aur-madhushala-9789380183435","title":"Ek Aur Madhushala","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dr. Suresh Prasad\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Short Stories (Single Author)\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eएक और मधुशाला—डॉ. सुरेश प्रसादजिस शराब के प्रबल पक्षपाती विश्‍व के विभिन्न साहित्यों में फिट्जेरॉल्ड, उमर खैयाम और डॉ. हरिवंश राय बच्चन जैसे लब्धप्रतिष्‍ठों ने उसे साहित्यिक मान्यता प्रदान की, वहाँ प्रथमतः डॉ. सुरेश प्रसाद ने मदिरा के प्रतिपक्ष में विज्ञानपूर्ण विचार देकर लोगों को सबल ढंग से इस दुर्गुण से दूर रहने की सलाह दी है।डॉ. प्रसाद ने मदिरा के विरुद्ध काव्यात्मक आवाज उठाकर मद्यपों का मनोबल बहुत हद तक तोड़ा है। मद्यपान से छुटकारा दिलाने का यह प्रयास सराहनीय है। मदिरा पर आज तक मेरी दृष्‍टि से इस तरह का कोई दूसरा काव्य नहीं गुजरा है। यह कृति स्वाभाविक रूप से लोकप्रिय और चर्चित होगी तथा हिंदी-साहित्य-जगत् एवं लोक-मानस दोनों इसका आदर करेंगे, निःसंदेह ऐसा विश्‍वास है।डॉ. प्रसाद ने मदिरा की हर अदा को कातिल करार देते हुए प्रतिक्रिया-स्वरूप उस पर कातिलाना हमला बोल दिया है; उसके सारे काले चिट्ठे खोलकर रख दिए हैं दुनिया की आँखों के सामने। ‘मदपायी’ तथा ‘मदिरा-विक्रेता’ पर भी विनम्रता जताते हुए उन्हें मदिरा का साथ देने से मना किया है औचित्य बताते हुए।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839665524887,"sku":"9789380183435","price":140.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789380183435.webp?v=1769162045","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/ek-aur-madhushala-9789380183435","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}