{"product_id":"ek-nuksandayi-nali-9788119626595","title":"Ek Nuksandayi Nali","description":"\u003cp\u003e • Author(s): ???? ????? ?????\u003cbr\u003e • Publisher: Niyogi Books\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: NiyogiBook\u003cbr\u003e • Subject: General Books\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइसे सिर्फ़ 20 मिनट के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसे गलने में 200 साल लग जाते हैं। इसके आकार से कभी धोखा मत खाना, क्योंकि अगर तुम एक वर्ष में समुद्र तटों को प्रदूषित करने वाली सभी प्लास्टिक की नलियों को जोड़ देते हो, तो इतने में चाँद के दो चक्कर लगा सकते हो! और पर्यावरण के लिए तो यह बेहद ख़तरनाक है, इसलिए तुम सभी को मैं यह कहानी सुना रहा हूँ…\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eAbout the Author: एलीफ योनात तोगाई अधीर– लेकिन एक गिलहरी के प्यार में, वह किसी पेड़ के नीचे घंटों चुपचाप बैठकर अपना वक्त गुज़ार सकती हैं। चौकस– लेकिन पानी में छलाँग लगाती हुई मछली को देखकर वह इतनी रोमांचित हो जाती हैं, कि डोंगी से बाहर गिर सकती हैं। समय की पाबंद– लेकिन हुदहुद पक्षी का पीछा करते हुए वह समय का ध्यान खो सकती हैं और अनोखी मछलियों के बीच वह तब तक तैर सकती हैं, जब तक कि उनके हाथों और पैरों की उंगलियों पर सिलवटें ना पड़ जाएँ। कुशल अनुमानक– लेकिन जब भी वह दूर देशों में चीड़ के शंकु या सीपियाँ इकट्ठा करती हैं, तो उनका थैला ज़रूरत से ज़्यादा भर जाता है। वह एशियाई हाथियों, अफ्रीकी पेंगुइनों और समुद्री घोड़ों से प्यार करती हैं– और एक बार तो उनका सामना एक ही दिन में तीन समुद्री घोड़ों से हो गया था! कभी-कभी आलू के चिप्स खाने के अलावा उन्हें कोई और बुरी आदत नहीं। वह एक अलग और सादा जीवन बिताती हैं।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eAbout the Illustrator: गाम्ज़े सेरेट पेंसिल और रंगों से दोस्ती करके बच्चों के साथ बनाई एक नई दुनिया में वह उनके लिए किताबें लिखना और चित्रकारी करना पसंद करती हैं। सितारों को निहारना उनका पसंदीदा काम है। उनका सबसे बड़ा सपना अपनी बनाई किताबों से एक ऐसे मीनार का निर्माण करना है, जिस पर चढ़कर वह हर दिन अपनी दोनों बिल्लियों के साथ सितारों के करीब पहुँच जाएँ। उस मीनार के निर्माण के लिए बनाई गईं उनकी किताबों में से एक अभी आपके हाथों में है।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Niyogi Books","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45662610030743,"sku":"9788119626595","price":163.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788119626595.webp?v=1769295157","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/ek-nuksandayi-nali-9788119626595","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}