{"product_id":"ek-violin-samandar-ke-kinare-9788171788200","title":"Ek Violin Samandar Ke Kinare","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Krishna Chander\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eइस उपन्यास का नायक—केशव—हज़ारों साल पीछे छूट गई दुनिया से हमारी दुनिया में आया है। आया है एक लड़की से प्रेम करने की अटूट इच्छा लिये। वह लड़की उसे मिलती भी है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eलेकिन त्रासदी यह कि वह उसकी हत्या कर डालता है\u003cstrong\u003e!...\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e...तो जो व्यक्ति अपनी दुनिया से हमारी दुनिया में प्यार करने आया था\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eउसने हत्या क्यों की\u003cstrong\u003e?\u003c\/strong\u003e यही है इस उपन्यास का मुख्य सवाल\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eजिसका जवाब प्रक्रिया में उनका यह बहुचर्चित उपन्यास वर्तमान सभ्यता के पूँजीवादी जीवन-मूल्यों पर तो प्रहार करता ही है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eउन मूल्यों को उजागर करता है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eजो मानव सभ्यता को निरन्तर गतिशील बनाए हुए हैं। उनकी मान्यता है कि पुरानी दुनिया के सिद्धान्तों से नई दुनिया को नहीं परखा जा सकता। नई दुनिया की स्त्री भी नई है—प्रेम के कबीलाई और सामन्ती मूल्य उसे स्वीकार नहीं। अब वह स्वतंत्र है। वास्तव में सतत परिवर्तनशील मूल्य-मान्यताओं का अन्त:संघर्ष इस कथाकृति को जो ऊँचाई सौंपता है\u003cstrong\u003e, \u003c\/strong\u003eवह अपने प्रभाव में आकर्षक भी है और मूल्यवान भी।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285562876055,"sku":"9788171788200","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788171788200.webp?v=1769283760","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/ek-violin-samandar-ke-kinare-9788171788200","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}