{"product_id":"farishte-nikale-9788126729029","title":"Farishte Nikale","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Maitreyi Pushpa\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eहाशिये का यथार्थ और संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसे जानने-पहचानने और शब्द देने के लिए सरोकार-सम्पन्न रचनाशीलता की ज़रूरत होती है। कहना न होगा कि मैत्रेयी पुष्पा ऐसी रचनाशीलता का पर्याय बन चुकी हैं। अपने कथा-साहित्य और विमर्श आदि के द्वारा उन्होंने किसान, मज़दूर, स्त्री और दलित जीवन की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सच्चाइयों को मुखर किया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘फ़रिश्ते निकले’ मैत्रेयी पुष्पा का नया उपन्यास है, जिसमें उन्होंने ‘बेला बहू’ का वृत्तान्त रचा है। यह वृत्तान्त जटिल किन्तु कई परतों में बदलते 'ग्रामीण भारत' का दस्तावेज़ बन गया है। बेला बहू के जीवन में जो घटनाएँ घटती हैं और जिन व्यक्तियों के साथ उसका वाद-विवाद-संवाद होता है उनका मन में उतर जानेवाला वर्णन मैत्रेयी ने किया है। ज़िन्दा रहने और आज़ाद रहने के अर्थ को व्यापक अर्थ में समझाती बेला बहू हिन्दी उपन्यास साहित्य के कुछ अविस्मरणीय चरित्रों में गिनी जाएगी, ऐसा विश्वास है। सरल और व्यंजक भाषा में रचा गया यह उपन्यास लेखिका की रचनाशीलता का आगे बढ़ा हुआ क़दम तो है ही, हिन्दी उपन्यास की नवीनतम उपलब्धि भी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285559861399,"sku":"9788126729029","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126729029.webp?v=1769283754","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/farishte-nikale-9788126729029","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}