{"product_id":"gada-tola-9789360869663","title":"Gada Tola","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Rahi Dumarchir\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cem\u003eपहले अन्दर मारी जाती है नदी\/तब मिटता है नक़्शे से गाडा टोला। \u003c\/em\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगाडा टोला यानी नदी टोला।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eराही डूमरचीर की ये कविताएँ नदी, पहाड़, जंगल और उनके साथ बसे मनुष्यों के विस्थापन, विलोप और निर्वासन से उपजे अफ़सोस और पीड़ा की कविताएँ हैं। कुछ ‘बनने’ के लिए या सिर्फ़ ‘जी सकने’ के लिए लोग अपनी ज़मीनों से उठकर शहरों की ओर निकल जाते हैं, पहाड़ उन्हें रास्ता देते हुए पीछे रह जाते हैं, नदियाँ भी, सखुआ के जंगल भी। राही अकसर इस विवशता की सबसे भीतरी कोर से अपनी कविता उठाते हैं। इसके लिए उन्होंने अपना एक खुला मुहावरा गढ़ा है, जो ख़बरों से भी कोई मार्मिक कविता निकाल लेता है, चिट्ठियों और संवादों से भी। इस तरह वह जीवन जस-का-तस सम्प्रेषित हो पाता है, जिसकी पीड़ा को कवि हम तक पहुँचाना चाहता है। ‘ऐदेल किस्कू’ और ‘हिम्बो कुजूर’ जैसी कई कविताएँ हैं, जो इसी प्रविधि से पंक्त‌ि-दर-पंक्त‌ि और सघन होती जाती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘गीतों के आयोजन को तुम लोग सुरों का महासंग्राम कहते हो’—कहा रिमिल टुडू ने। राही जीवन के इस पहलू को भी देखते हैं जो जंगल से दूर सभ्यता के बीच गढ़ा जा रहा है, जहाँ ज्ञान किताबों में बन्द है, और किताबें अलमारियों में। सभ्यता की विडम्बनाओं को आईना दिखाते हुए, एक कवि के रूप में राही समय के, प्राकृतिक अवयवों के, पेड़ों, पत्तों, दूब, पानी, बच्चों और नदियों के मन से बतियाते हैं और हर हाल में उनके पक्ष में खड़े रहते हैं—\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cem\u003eअच्छा आप उसी गाँव के हैं न\/जहाँ मन्दिर के किनारे नदी है\u003c\/em\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cem\u003eदेवघर के उस भले मानुष से कहा मैंने\u003c\/em\u003e\u003cem\u003e—\u003c\/em\u003e\u003cem\u003eजी नहीं\/उस गाँव का हूँ\/जहाँ नदी के किनारे मन्दिर है।\u003c\/em\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285691457687,"sku":"9789360869663","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360869663.webp?v=1769284082","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/gada-tola-9789360869663","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}