{"product_id":"gaind-aur-goal-9788183618687","title":"Gaind Aur Goal","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Radhakrishna\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eराधाकृष्ण की पहचान प्रेमचन्द-धारा के लेखक के रूप में प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही बन चुकी थी। ‘गेंद और गोल’ उनकी सहज कहानियों का संकलन है। आम लोगों के आम दिनों की कुछ ख़ास बातें इन कहानियों में सहज ही दर्ज हो गई हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eये कहानियाँ ‘फ़ॉर्मूला’ कहानी नहीं हैं, जिन्हें एक सुनिश्चित प्लॉट के तहत गढ़ा गया हो। ये बहते जीवन से कुछ पल सँजोकर पेश की गई हैं। इनमें आर्थिक तंगी है तो व्यावहारिकता भी। उद्दंडता है तो आदर्श भी। फ़रेब है, तो सच्चा प्रेम भी। शीर्षक कहानी 'गेंद और गोल’ बहुत कम शब्दों में ज़िन्दगी के लक्ष्य को बयाँ कर देती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘गठरी का भेद’ पंचतंत्र की कहानी की तरह सहज सीख देते हुए तीव्र प्रहार करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e'कोयले की ज़िन्दगी’, 'कलाकार का मास्टरपीस’, 'मूल्य’, 'रसायन की पुड़िया’ हर रंग की कहानी इस संकलन में आपको मिल जाएगी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e70 के दशक में लिखी गई ये कहानियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक और हृदयस्पर्शी हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285629001879,"sku":"9788183618687","price":207.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183618687.webp?v=1769283922","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/gaind-aur-goal-9788183618687","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}