{"product_id":"ghar-ka-bhedi-9789360860141","title":"Ghar Ka Bhedi","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Salman Akhtar\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eडॉक्टर सलमान अख़्तर के दादा मुज़्तर ख़ैराबादी, मामू मजाज़ लखनवी, वालिद जाँ निसार अख़्तर और भाई जावेद अख़्तर पर लिखे ये लेख साहित्यिक दुनिया में एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। ‘घर का भेदी’ उर्दू शायरी की सोच-समझ और आलोचना की ऐसी पहली किताब है जिसमें लेखक ख़ुद अपने ख़ानदान के मशहूर और लोकप्रिय शोअरा के कलाम का विवेचन करता है और साथ ही उनके साहित्यिक ख़ज़ाने की तुलना तत्कालीन सम्माननीय शोअरा के साहित्य से भी करता है। बात की गहराई और बढ़ जाती है जब हमको ये पता चलता है कि इस किताब का लेखक न सिर्फ़ ख़ुद एक विश्वसनीय शायर और साहित्यकार है बल्कि अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एक मनोवैज्ञानिक भी है। नतीजे के तौर पर ‘घर का भेदी’ किताब हमें कला के प्रतीकों और बिंबों से भी परिचित कराती है और उसमें निहित व्यक्तिगत पीड़ा और द्वंद्व से भी। \u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285699551383,"sku":"9789360860141","price":417.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789360860141.webp?v=1769284101","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/ghar-ka-bhedi-9789360860141","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}