{"product_id":"ghav-karen-gambhir-9788126729340","title":"Ghav Karen Gambhir","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sharad Joshi\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘घाव करें गम्भीर’ शरद जोशी की व्यंग्यधर्मिता का एक अद्भुत आयाम है। एक उक्ति है ‘जहाँ काम आवै सुई, काह करै तरवारि।’ शरद जोशी लम्बे व्यंग्यालेख लिखने में जितने सिद्धहस्त हैं, उतनी ही निपुणता उन्हें ‘संक्षिप्त व्यंग्य’ लिखने में प्राप्त है। प्रस्तुत संग्रह में आकार की दृष्टि से ‘लघु व्यंग्य’ और ‘लघु कहानियाँ’ संगृहीत हैं। यह लेखक का शब्द संयम ही है कि उसने ‘गागर में सागर’ भरने का चमत्कार कर दिखाया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशरद जोशी के सरोकार प्रशस्त हैं। इन व्यंग्यों और लघु कहानियों में शिल्प की तीक्ष्णता सरोकारों को और पैना कर देती है। ‘जिसके हम मामा हैं’ में वे लिखते हैं, ‘आप प्रजातंत्र की गंगा में डुबकी लगाते हैं। बाहर निकलने पर देखते हैं कि वह शख़्स जो कल आपके चरण छूता था, आपका वोट लेकर ग़ायब हो गया। वोटों की पूरी पेटी लेकर भाग गया।’\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘घाव करें गम्भीर’ के व्यंग्य की धार दुहरी है। पाठक जहाँ परिवेश की विसंगतियों के प्रति सचेत होता है, वहीं अपने अन्तर्विरोधों के प्रति उसमें सजगता जाग्रत होती है। छोटे-छोटे अनुभव, लोककथाओं सरीखा स्वाद, व्यंजनाओं का समारोह और शिल्प की नवीनता प्रस्तुत पुस्तक की रेखांकित करने योग्य विशेषताएँ हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशरद जोशी के असंख्य पाठकों के लिए एक उपहार है यह।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285625266327,"sku":"9788126729340","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126729340.webp?v=1769283913","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/ghav-karen-gambhir-9788126729340","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}