{"product_id":"god-9788180312069","title":"God","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Siyaramsharan Gupt\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकिसी निकटस्थ की गोद ऐसी भावनात्मक, मन को रोमांचित और अन्तस के तारों को छू लेने और कुरेर देनेवाली गोद होती है, जिसकी तुलना नहीं हो सकती। गोद ममतामयी माँ की हो, स्नेहसिक्त पिता की हो, हर संकट के समय प्रश्रय देनेवाले बड़े भाई की हो या स्नेहमयी भाभी की गोद में ममता और सान्त्वना की अद्वितीय क्षमता होती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगोद का यह महत्त्व अद्वितीय है, अतुलनीय है। व्यक्ति कितना भी भटकाव में हो, अपराध कर बैठा हो, किन्तु पश्चात्ताप की भावना से जब अपने वरिष्ठ निकटस्थ की गोद में सर रख देता है और उसके सर पर स्नेहपूर्ण हाथ की सहलावत की अनुभूति होती है तो दोनों की आँखों के भावना-मिश्रित आँसुओं की धाराएँ पवित्र संगम की धारा की तरह प्रवाहित हो जाती हैं। सियारामशरण गुप्त जी के इस उपन्यास का कथानक अनेक उतार-चढ़ाव तथा पात्रों के तरह-तरह के कृत्यों के साथ आगे बढ़ता हुआ अन्त में कुछ ऐसे मुक़ाम पर पहुँच जाता है कि वातावरण मन को अन्दर तक छू लेनेवाला बन जाता है। यह अत्यन्त रोचक उपन्यास जीवन की उच्च भावनात्मक मनःस्थिति को ऐसे प्रभावी रूप में उद्वेलित कर देता है कि पाठक का मन भी अन्दर तक उद्वेलित हो उठे।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285556256919,"sku":"9788180312069","price":88.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788180312069.webp?v=1769283743","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/god-9788180312069","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}