{"product_id":"graam-svraajy-gram-swaraj-9788121260497","title":"ग्राम स्वराज्य (Gram Swaraj)","description":"\u003cp\u003e • Author(s): महात्मा गांधी (Mahatama Gandhi)\u003cbr\u003e • Publisher: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Gyan Publishing House\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकिताब के बारे में ग्राम स्वराज का अर्थ आत्मबल से परिपूर्ण होना है। ग्राम स्वराज्य की अवधारणा समाज को शासनिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सहभागी बनाने पर जोर देती है। ग्राम स्वराज्य परिकल्पना एक ऐसी व्यवस्था है जो राजनैतिक अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, अराजकता अथवा तानाशाही जैसी समस्याओं का पूर्ण रूप से समाधान करती है। इस परिकल्पना को आदर्श लोकतंत्र भी कहा जा सकता है। स्वयं के उपभोग के लिए स्वयं का उत्पादन, शिक्षा और आर्थिक सम्पन्नता. इससे भी आगे चलकर ग्राम की सत्ता ग्रामीणों के हाथों सौंपी जाए। अगर गांव नष्ट हो गए, तो हिन्दुस्तान भी नष्ट हो जायेगा। दुनिया में उसका अपना मिशन ही खत्म हो जायेगा। गांवों की सेवा करने से ही सच्चे स्वराज्य की स्थापना होगी।ग्राम स्वराज राम-राज्य व्यवस्था की पहली सीढ़ी है़। राम-राज्य मतलब सभी सुखों से परिपूर्ण समाज। परिपूर्ण समाज में स्व निर्णय वाली व्यवस्था ग्राम स्वराज से ही आ सकती है। ग्राम स्वराज शासन की सबसे छोटी इकाई होगी। यह वर्तमान ग्राम सभा की तरह क्षेत्र पंचायत, ब्लॉक जिला पंचायत के अधीन नही होगी। यह प्रशासनिक व्यवस्था राज्य सरकार की तरह स्वतंत्र होगी । यह व्यवस्था हर नागरिक की भागीदारी पर चलेगी। इस व्यवस्था में आम जन के सभी सुख-दुख में ग्राम स्वराज की पूर्ण भागीदारी होगी। यह व्यवस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास से जुड़ी सभी समस्या हल करेगी। कानून व्यवस्था से जुड़े सभी मसले और विवाद ग्राम स्तर पर हल होंगे।\u003c\/p\u003e","brand":"Gyan Publishing House","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46194869698711,"sku":"9788121260497","price":98.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788121260497.webp?v=1769299247","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/graam-svraajy-gram-swaraj-9788121260497","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}