{"product_id":"had-ya-anhad-9789355180735","title":"Had Ya Anhad","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dr. Sunil Kumar Sharma\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eहद या अनहद- ‘हद या अनहद' प्रख्यात यान्त्रिक डॉक्टर सुनील कुमार शर्मा की मर्मस्पर्शी कविताओं का पहला संग्रह है जो हद और अनहद दोनों ही गतियों का अनूठा दस्तावेज़ है। हद और अनहद की सरहद पर अवस्थित डॉ. शर्मा की ये कविताएँ आपबीती भी हैं और जगबीती भी। एक तरफ़ तो कवि का निजी गोपन आभ्यन्तर है और परिवार तथा कटम्ब, और दूसरी तरफ़ बाह्य जगत् है अपनी तमाम जटिलताएँ और अन्तर्विरोधों के साथ। माता, पिता, घर-गाँव सब है और महानगर का वह त्रासद जीवन भी जहाँ एक पर एक रखे फ्लैटों में हवा भी मानो सीढ़ियाँ चढ़ते ऊपर पहुँचती है। डॉ. शर्मा एक विलक्षण कवि हैं। सहृदय पाठक स्वयं भी अनुभव करेंगे कि ऐसी कविताएँ अप्रमेय हैं- आये हो पार कर कितनी लम्बी दूरी\/ रही बाट जोहती अवलम्बित राह तुम्हारी\/ ऐसी पंक्तियाँ छन्द की छाया लेकर गहरे अनुराग को व्यक्त करती हैं और कविता को सहज सम्प्रेषित बनाती हैं। 'घर' और 'रंग' जैसी कविताएँ कुछ अन्य दृष्टान्त हैं-'और मैं रात भर ढूँढ़ता रह गया चाँद में अपना रंग'। -अरुण कमल\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46523098988695,"sku":"9789355180735","price":195.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789355180735.webp?v=1767179995","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/had-ya-anhad-9789355180735","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}