{"product_id":"hamala-9788170551942","title":"Hamala","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Harry Mulisch\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eहमला - बहुत, बहुत पहले, दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान, एक अंतन स्तेनवेइक अपने माता-पिता और भाई के साथ हार्लम के बाहरी इलाके में रहता था। वहाँ चार घर एक-दूसरे के पास एक घाट पर खड़े हुए थे जो पानी के किनारे सौ मीटर के क़रीब लम्बा पसरा हुआ था। एक हल्के मोड़ के बाद घाट सीधा होकर एक सामान्य सड़क बन जाता था। हर घर एक बगीचे से घिरा हुआ था और हर एक के एक छज्जा, खाँचा-खिड़कियाँ और खड़े ढलान वाली छत थी जिससे वह एक शालीन विला जैसा दिखता था। सबसे ऊपर की मंज़िल के सभी कमरों की दीवारें तिरछी थीं। ये घर कुछ-कुछ ख़स्ता हाल थे और रंग-रोगन की ज़रूरत में थे क्योंकि सदी के तीसरे दशक से ही उनके रख-रखाव में लापरवाही की गयी थी। हर एक का गर्व-भरा, मध्यवर्गीय नाम अधिक सुखी दिनों की उपज था।\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46523111866519,"sku":"9788170551942","price":228.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788170551942.webp?v=1767180077","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/hamala-9788170551942","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}