{"product_id":"hayvadan-9788183613774","title":"Hayvadan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Girish Karnad | Tr. B.V. Karant\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eस्त्री-पुरुष के आधे-अधूरेपन की त्रासदी और उनके उलझावपूर्ण सम्बन्धों की अबूझ पहेली को देखने-दिखानेवाले नाटक तो समकालीन भारतीय रंग-परिदृश्य में और भी हैं; लेकिन जहाँ तक सम्पूर्णता की अन्तहीन तलाश की असह्य यातनापूर्ण परिणति तथा बुद्धि (मन-आत्मा) और देह के सनातन महत्ता-संघर्ष के परिणाम का प्रश्न है—गिरीश कारनाड का ‘हयवदन’, कई दृष्टियों से, निश्चय ही एक अनूठा नाट्य-प्रयोग है। इसमें पारम्परिक अथवा लोक नाट्य-रूपों के कई जीवन्त रंग-तत्त्वों का विरल रचनात्मक इस्तेमाल किया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबेताल पच्चीसी की सिरों और धड़ों की अदला-बदली की असमंजस-भरी प्राचीन कथा तथा टॉमस मान की ‘ट्रांसपोज्ड हैड्स’ की द्वन्द्वपूर्ण आधुनिक कहानी पर आधारित यह नाटक जिस तरह देवदत्त, पद्मिनी और कपिल के प्रेम-त्रिकोण के समानान्तर ‘हयवदन’ के उपाख्यान को गणेश-वन्दना, भागवत, नट, अर्धपटी, अभिनटन, मुखौटे, गुड्डे-गुड़ियों और गीत-संगीत के माध्यम से एक लचीले रंग-शिल्प में पेश करता है, वह अपने-आपमें केवल कन्नड़ नाट्य-लेखन की ही नहीं, सम्पूर्ण आधुनिक भारतीय रंगकर्म की एक उल्लेखनीय उपलब्धि सिद्ध हुआ है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह नाटक मानव-जीवन के बुनियादी अन्तर्विरोधों, संकटों और दबावों-तनावों को अत्यन्त नाटकीय एवं कल्पनाशील रूप में अभिव्यक्त करता है। प्रासंगिक-आकर्षक कथ्य और सम्मोहक शिल्प की प्रभावशाली संगति ही ‘हयवदन’ की वह मूल विशेषता है जो प्रत्येक सृजनधर्मी-रंगकर्मी और बुद्धिजीवी पाठक को दुर्निवार शक्ति से अपनी ओर खींचती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—जयदेव तनेजा\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285680545943,"sku":"9788183613774","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788183613774.webp?v=1769284049","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/hayvadan-9788183613774","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}