{"product_id":"hindi-kavita-naye-purane-paridrishya-9789388211642","title":"Hindi Kavita : Naye-Purane Paridrishya","description":"\u003cp\u003e • Author(s): S. Tankmani Amma\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eलोकगीतों से शुरू होकर आदिकाल, भक्तिकाल और रीतिकाल के विभिन्न परिवेशों से गुज़रकर आधुनिक काल तक पहुँच गई हिन्दी कविता अपनी विकास-यात्रा की विविध मंज़‍िलों को तय करके सम्‍प्रति इक्सीसवीं शदी के दूसरे दशक के अन्तिम चरण तक पहुँच चुकी है। इस लम्बी विकास-यात्रा के दौरान हिन्दी कविता स्थल और काल के परिवेश के अनुकूल नूतन प्रवृत्तियों को आत्मसात् कर कई आन्दोलनों से होकर गुज़री है। प्रचलित प्रवृत्तियों से भिन्न प्रवृत्तियाँ जब काव्यक्षेत्र में घर कर लेती हैं तथा कविता उनके अनुकूल परिभाषित होती है तभी तो नए काव्यान्दोलनों का प्रादुर्भाव होता है। इन काव्यान्दोलनों ने समय-समय पर कविता की संवेदना और संरचना में परिवर्तन और परिवर्द्धन उपस्थित कर दिए हैं। सुखद आश्चर्य की ही बात है कि ‘कवि की मौत', 'कविता की मौत' जैसे वैश्विक नारों और चुनौतियों का सामना करते हुए, अपनी संजीवनी शक्ति के बल पर कविता अब भी सम्‍पूर्ण मानवराशि को तथा प्रकृति और पर्यावरण को बचाए रखने की कोशिश में लगी हुई है। विनष्ट होते अथवा क्षरित होते श्रेष्ठ मानव मूल्यों को बचाने की चिन्‍ता ही समकालीन विविध विमर्शों में मुखरित होती है। तभी मुक्तिबोध की ये पक्तियाँ सार्थक सिद्ध होती हैं–\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\"नहीं होती। कहीं भी ख़त्म कविता नहीं होती\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकि वह आवेग त्वरित काल यात्री है...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहिन्दी कविता की यात्रा अभी जारी है–वर्तमान सामाजिक-सांस्कृतिक समस्याओँ से जूझते हुए...मानव हित की चिन्ता करते हुए।\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285554847895,"sku":"9789388211642","price":210.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388211642.webp?v=1769283742","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/hindi-kavita-naye-purane-paridrishya-9789388211642","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}