{"product_id":"hum-swastha-kaise-rahen-9788173154867","title":"Hum Swastha Kaise Rahen","description":"\u003cp\u003e • Author(s): K N Jauhari\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसंसार में सबसे बड़े वैद्य तीन हैं- प्रकृति, समय और धैर्य । रोग एक विश्‍वास है । यदि इस विश्‍‍वास का पूरी तरह से त्याग किया जाए कि हम रोगी हैं तो निश्‍च‌ित रूप से आप स्वस्थ होने लगेंगे । मन तो तन का राजा है । मन स्वस्थ रहेगा तो तन अपने आप स्वस्थ हो जाएगा । यदि हम दवाओं के पीछे न दौड़कर प्रकृति के अनुरूप अपने रहन-सहन तथा आचरण को रखने लगें तो रोग हमारे पास फटकेंगे ही नहीं ।उपचार से परहेज बेहतर है; लेकिन यह तभी संभव है जब्र हम अपने शरीर की बनावट, विविध शारीरिक व्याधियाँ और उनके कारण, उनसे बचने के उपायों को जानते हों ।तन तथा मन को कैसे स्वस्थ रखें, जीवेम शरद: शतम् की कामना करते हुए सूखपूर्वक स्वस्थ जीवन कैसे बिताएँ; इसके लिए पढ़िए-' हम स्वस्थ कैसे रहें ' ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839470030999,"sku":"9788173154867","price":53.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788173154867.webp?v=1769160708","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/hum-swastha-kaise-rahen-9788173154867","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}