{"product_id":"insaniyat-ke-funde-9789350484760","title":"Insaniyat Ke Funde","description":"\u003cp\u003e • Author(s): N Raghuraman\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Motivational \u0026amp; Inspirational\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eआज हर कोई औरों से भिन्न होना चाहता है। अच्छा मनुष्य बनना अलग बात है, क्योंकि अच्छे लोगों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। अच्छे लोगों के कम होते जानेवाली दुनिया में अच्छा होना सचमुच अलग बात है। इसलिए अच्छे बनिए। कुछ हटकर अपना जीवन जिएँ और मानवता और इनसानियत के नए मुकाम हासिल करें।इस पुस्तक में बताए कुछ फंडे हैं—बुजुर्ग हमारी संपत्ति हैं या जिम्मेदारी, इसका फैसला खुद हमें ही लेना होगा। यदि नई पीढ़ी इन अनुभवी लोगों को अकेले में जीने-मरने के लिए छोड़ती है तो यह उसकी निरी मूर्खता है। जब हम छोटे थे तो वे हमारी संपत्ति थे, फिर बड़े होने पर वे हमारे लिए भार कैसे बन सकते हैं?यदि आप मकान को घर बनाना चाहते हैं तो ईंट-गारे से बनी इस इमारत में अपनी भावनाओं का भी थोड़ा निवेश करें। भवन की दीवारों को स्मृतियों की अदृश्य तसवीरों से सजाएँ। फिर देखिए, भवन खुले दिल से आपको अपनाएगा।अगर आपके भीतर समाज की बेहतरी के लिए काम करने का जज्बा है तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जेल में हैं या जरूरतमंदों के बीच; आप कहीं भी रहते हुए ऐसा कर सकते हैं।अपने विनम्र व सुखद व्यवहार से आप दुनियाभर में दोस्त बना सकते हैं। इन दोस्तों की फौज समय आने पर आपकी मदद ही करेगी।यदि आप समाज का हित किसी भी माध्यम से करना चाहते हैं तो कोशिश कीजिए कि समाज के अंतिम व्यक्‍ति को उसका लाभ मिले।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46839538581655,"sku":"9789350484760","price":88.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789350484760.webp?v=1769161150","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/insaniyat-ke-funde-9789350484760","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}